अरे भाई सुनो, मार्केट में एकदम गदर मच गया है। AI से ठगी रोकने की लड़ाई में भारत के युवाओं ने सीना ठोक के ऐसा धमाका किया है कि अब बड़े-बड़े टेक दिग्गजों की भी नज़र इस पर टिक गई है। नाम है RAKSHAM, नेशनल AI साइबरसिक्योरिटी हैकाथॉन, और 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में इसके विजेताओं का ऐलान हो गया है। सीधी बात नो बकवास, यह खबर सिर्फ एक इनाम की लिस्ट नहीं है, यह इस बात का सबूत है कि AI अब सिर्फ चैटबॉट नहीं रहा, वह आम आदमी की जेब और पहचान की रखवाली का हथियार बन चुका है।
इस हैकाथॉन को Amazon India, IIT Delhi और गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने मिलकर चलाया। IIT Delhi के स्टूडेंट टेक्निकल क्लब ARIES और Dev Club ने इसे जमीन पर उतारा, साथ में IIT Delhi का Office of Academic Outreach and New Initiatives भी जुड़ा रहा। मतलब सरकार, इंडस्ट्री और अकादमी, तीनों एक ही मंच पर, और मकसद एकदम साफ, डीपफेक, वॉइस क्लोनिंग और AI वाले स्कैम को पकड़ने वाले असली सॉल्यूशन बनाना।
RAKSHAM में क्या हुआ, आंकड़ों की ज़ुबानी
पहले आंकड़े समझ लो, फिर भौकाल का अंदाज़ा खुद लग जाएगा। देश के 14 राज्यों से करीब 5,000 छात्रों ने शुरुआती ऑनलाइन सबमिशन भेजे। दो दिन तक चली जूरी मूल्यांकन की दो राउंड की प्रक्रिया के बाद सिर्फ 30 टीमें फाइनल में पहुंचीं, और उनमें से 5 विजेता टीमें चुनी गईं। यानी करीब 5,000 में से 5, यह रेस किसी सरकारी नौकरी की मेरिट लिस्ट से कम कड़ी नहीं थी।
फाइनल मुकाबला 24 और 25 अक्टूबर 2026 को IIT Delhi में 48 घंटे तक इन-पर्सन चला, जहां टीमों ने अपने प्रोटोटाइप बनाए, टेस्ट किए और एक्सपर्ट जूरी के सामने डेमो दिए। टीमों में दो से चार सदस्य थे, और चुनौती यह थी कि डेमो से आगे बढ़कर ऐसा सॉल्यूशन दिखाओ जो अधिकृत माहौल में टेस्ट हो सके, भरोसेमंद तरीके से चले और प्राइवेसी का सम्मान करते हुए बड़े पैमाने पर काम कर सके।
इनाम की पूरी लिस्ट, किसे कितना मिला
विजेताओं को ₹25,000 से लेकर ₹2,00,000 तक के नकद इनाम मिले हैं। पहले की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक पांच इनामों का बंटवारा कुछ इस तरह था, और विजेताओं की घोषणा वाली रिपोर्ट में भी यही रेंज दर्ज है।
| स्थान | नकद इनाम | क्या खास |
|---|---|---|
| पहला | ₹2,00,000 | सबसे बड़ा इनाम |
| दूसरा | ₹1,00,000 | फाइनलिस्ट में टॉप प्रदर्शन |
| तीसरा | ₹50,000 | मजबूत प्रोटोटाइप |
| चौथा | ₹25,000 | फाइनलिस्ट विजेता |
| पांचवां | ₹25,000 | फाइनलिस्ट विजेता |
कुल इनाम राशि ₹4,00,000 बनती है। एक बात साफ रखनी ज़रूरी है, ₹2 लाख टॉप इनाम है, हर विजेता को ₹2 लाख नहीं मिले हैं। इसके अलावा टॉप पांच टीमों को एक और बड़ा मौका मिला है, जिसकी कीमत पैसों से कहीं ज़्यादा है।
किन चार खतरों पर चली यह लड़ाई
1. वॉइस क्लोनिंग
किसी की आवाज़ की नकल करके फोन पर ठगी करना अब आम खतरा बन गया है। टीमों ने ऐसी तकनीक पर काम किया जो नकली आवाज़ को पकड़ सके, इससे पहले कि कोई अपनी मेहनत की कमाई गंवा दे।
2. डीपफेक डिटेक्शन
वीडियो और तस्वीर में चेहरा बदलकर फर्जीवाड़ा करना अब चाय की टपरी पर चर्चा का विषय बन चुका है। RAKSHAM की टीमों ने मैनिपुलेटेड कंटेंट को पहचानने वाले टूल बनाए।
3. फ्रॉड डिटेक्शन
फर्जी लेन-देन और धोखाधड़ी वाले पैटर्न को पकड़ना, ताकि डिजिटल पेमेंट करते वक्त आम आदमी को सरकारी नौकरी जैसी सिक्योरिटी का भरोसा मिले।
4. AI से स्कैम पैटर्न की पहचान
स्कैम करने वाले अब AI से ही जाल बुनते हैं, इसलिए बचाव भी AI से ही करना होगा। टीमों ने स्कैम के पैटर्न को पहले ही भांप लेने वाले सॉल्यूशन पर काम किया।
जूरी में कौन था, फैसला किसने किया
विजेताओं का चयन जिस जूरी ने किया, उसमें I4C से अमित गुप्ता और हरमन सिंह, Amazon से किशोर थोटा और EasySocial से शोभित तनेजा शामिल थे। यह पहल Amazon और I4C की #ScamSmartIndia मुहिम के तहत चल रहे सहयोग का हिस्सा है, जिसका मकसद लोगों को स्कैम पहचानने में मदद करने से आगे बढ़कर तकनीक से ही स्कैम रोकना है।
I4C के अमित गुप्ता ने साफ कहा कि AI से डिजिटल सेवाएं आसान हुई हैं, लेकिन उसी से डीपफेक, वॉइस क्लोनिंग और तरह-तरह के स्कैम के नए रास्ते भी खुल गए हैं। उनका संदेश था कि प्रतिभागी अपने आइडिया को प्रोटोटाइप से आगे ले जाएं और ऐसे भरोसेमंद, स्केल होने वाले सॉल्यूशन बनाएं जो साइबरक्राइम की रोकथाम में सच में फर्क डालें। Amazon के राकेश बख्शी ने कहा कि इनोवेशन तभी सार्थक है जब वह लोगों की असली समस्या सुलझाए, और IIT Delhi के डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स प्रो. प्रद्युम्न एस. ने कहा कि जब आवाज़, तस्वीर और वीडियो की नकल आसान हो गई है, तो असली और नकली में फर्क करना सिर्फ जागरूकता से नहीं, बल्कि तकनीक से ही मुमकिन होगा।
आम जनता और भारतीय युवाओं के लिए क्यों है खास?
यह खबर हर उस भारतीय के लिए खास है जो फोन पर UPI करता है, WhatsApp पर वीडियो देखता है या ऑनलाइन शॉपिंग करता है। डीपफेक और वॉइस क्लोनिंग का शिकार कोई भी हो सकता है, और इस हैकाथॉन के सॉल्यूशन उसी डर पर सीधा वार करते हैं। युवाओं के लिए यह एक तगड़ा जुगाड़ है, क्योंकि यहां सिर्फ कोडिंग नहीं, बल्कि देश की असली समस्या पर काम करने का मौका मिला, और वह भी IIT Delhi, Amazon और गृह मंत्रालय के मंच से।
दूसरा बड़ा फायदा यह है कि टॉप पांच टीमों को 10 दिसंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में Amazon Smbhav 2026 में अपने सॉल्यूशन दिखाने का मौका मिलेगा, जहां Amazon के वरिष्ठ नेता और सरकार, इंडस्ट्री व अकादमी के लोग मौजूद रहेंगे। यानी इनाम के साथ-साथ वह मंच भी मिला, जहां से एक स्टूडेंट प्रोजेक्ट स्टार्टअप या करियर की बड़ी छलांग बन सकता है। तीसरी बात, साइबरसिक्योरिटी और AI डिटेक्शन की स्किल आज मार्केट में सबसे तेज़ी से मांग वाली स्किल्स में है, और RAKSHAM जैसा अनुभव रिज्यूमे में सोने पर सुहागा जैसा काम करता है।
RAKSHAM की पूरी यात्रा, स्टेप बाय स्टेप
- रजिस्ट्रेशन और कॉन्सेप्ट सबमिशन: इस एडिशन के लिए रजिस्ट्रेशन और कॉन्सेप्ट सबमिशन 12 अक्टूबर 2026 तक खुले थे। अब यह विंडो बंद हो चुकी है, इसलिए इसे चालू आवेदन समझकर अप्लाई करने की कोशिश न करें।
- शुरुआती ऑनलाइन सबमिशन: 14 राज्यों से करीब 5,000 छात्रों ने अपने आइडिया भेजे।
- जूरी मूल्यांकन: दो दिन तक चली दो राउंड की जूरी प्रक्रिया में 30 फाइनलिस्ट टीमें चुनी गईं।
- 48 घंटे का फाइनल: 24 से 25 अक्टूबर 2026 को IIT Delhi में फाइनलिस्ट टीमों ने प्रोटोटाइप बनाए, टेस्ट किए और डेमो दिए।
- विजेताओं की घोषणा: 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में 5 विजेता टीमों का ऐलान हुआ, जिन्हें ₹25,000 से ₹2,00,000 तक के इनाम मिले।
- अगला पड़ाव, Smbhav 2026: टॉप पांच टीमें 10 दिसंबर को भारत मंडपम, नई दिल्ली में Amazon Smbhav 2026 में अपने सॉल्यूशन दिखाएंगी।
क्या अभी साफ नहीं है, ईमानदारी से बता रहे हैं
जिन घोषणा रिपोर्टों के आधार पर यह लेख लिखा गया है, उनमें अलग-अलग विजेता टीमों के नाम और उनके प्रोजेक्ट के नाम नहीं दिए गए हैं, इसलिए इस लेख में कोई टीम का नाम गढ़कर नहीं लिखा गया है। इसी तरह अगले एडिशन की तारीख या रजिस्ट्रेशन विंडो का भी अभी कोई ऐलान नहीं हुआ है, इसलिए अगली बार के लिए सिर्फ इतना कहा जा सकता है कि IIT Delhi के ARIES और Dev Club के चैनलों पर नज़र रखें। अगर आप इस हैकाथॉन में हिस्सा लेना चाहते हैं, तो अगली घोषणा का इंतज़ार करें, पुरानी विंडो पर भरोसा न करें।
निष्कर्ष
RAKSHAM ने यह साबित कर दिया है कि भारत के युवा सिर्फ AI का इस्तेमाल नहीं करते, वे AI से पैदा हुए खतरों का जवाब भी AI से ही देना जानते हैं। 5,000 सबमिशन, 30 फाइनलिस्ट और 5 विजेता, यह कहानी सिर्फ इनाम की नहीं, बल्कि भरोसे की है। अगर यह सॉल्यूशन सच में आम आदमी तक पहुंचे, तो डीपफेक और वॉइस क्लोनिंग जैसे स्कैम की कमर टूट सकती है। अब सबकी नज़र 10 दिसंबर के Smbhav मंच पर होगी, जहां ये पांच टीमें बताएंगी कि उनका आइडिया सिर्फ एक प्रोटोटाइप है या फिर देश की डिजिटल सुरक्षा का अगला बड़ा हथियार।
पिछला लेख पढ़ें: Modellix का ComfyUI धमाका: एक नोड, सारे AI मॉडल!
आधिकारिक घोषणा रिपोर्ट यहां पढ़ें: Amazon, IIT Delhi और I4C ने RAKSHAM विजेताओं का ऐलान किया
1 thought on “RAKSHAM हैकाथॉन: 5 विजेता टीमों को ₹2 लाख तक इनाम”