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Factory Droid 1.0 आया: 1 रिक्वेस्ट में सैकड़ों टूल कॉल!

Suvadip Ghara
By Suvadip Ghara On November 3, 2026
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अरे भाई सुनो, कोडिंग की दुनिया में एकदम गदर मच गया है। अब तक AI कोडिंग एजेंट एक-एक टूल कॉल के लिए बार-बार मॉडल से पूछता था, और हर बार पूरी हिस्ट्री फिर से भेजी जाती थी। Factory का Droid 1.0 इसी पुरानी आदत को पलट देता है — अब एजेंट पहले पूरा प्रोग्राम लिखता है, फिर एक ही रिक्वेस्ट में सैकड़ों टूल कॉल चला देता है। सीधी बात नो बकवास, यही है इस अपडेट का असली भौकाल।

Factory ने Droid 1.0 को 29 अक्टूबर 2026 को पेश किया, और कंपनी के आधिकारिक पेज को 31 अक्टूबर 2026 को अपडेट किया गया। कंपनी इसे अब तक का सबसे बड़ा Droid अपडेट बता रही है। इसमें सबसे बड़ा बदलाव है प्रोग्रामैटिक टूल कॉलिंग, जिसे Droid में Script Mode के नाम से लागू किया गया है।

Factory Droid 1.0 आखिर है क्या?

Droid, Factory का AI कोडिंग एजेंट हार्नेस है। हार्नेस का मतलब है मॉडल के चारों ओर का पूरा सिस्टम — प्रॉम्प्ट, टूल्स, टूल के नतीजे वापस कैसे आते हैं, और वह लूप जो सब कुछ चलाता है। Factory का दावा है कि Droid किसी एक मॉडल से बंधा नहीं है, बल्कि अलग-अलग फ्रंटियर मॉडल्स के साथ काम करता है, और यूजर अपने खुद के API keys भी ला सकते हैं।

कंपनी के मुताबिक, एजेंट अब घंटों या दिनों तक, सैकड़ों टर्न में काम करते हैं, और हर टर्न में निर्देश, टूल्स और हिस्ट्री फिर से भेजी जाती है। यही वजह है कि हार्नेस को हल्का और तेज बनाना सीधे पैसे और समय दोनों बचाता है।

Script Mode कैसे काम करता है?

पुराने तरीके में मॉडल सीधे टूल कॉल करता था, और हर टूल का पूरा आउटपुट उसके कॉन्टेक्स्ट में जुड़ जाता था। Script Mode में मॉडल JavaScript में एक छोटा प्रोग्राम लिखता है, जो एक सैंडबॉक्स में चलता है। इस सैंडबॉक्स की अपनी कोई फाइल, नेटवर्क या सिस्टम एक्सेस नहीं होती।

एक Script एक ही मॉडल रिक्वेस्ट में सैकड़ों टूल कॉल चला सकता है, इसलिए निर्देश और हिस्ट्री बार-बार नहीं भेजनी पड़ती। प्रिंट किया गया आउटपुट साइज में सीमित रहता है, और पूरे नतीजे लॉग में रहते हैं, जिन्हें मॉडल बाद में खोज सकता है। एक-दूसरे पर निर्भर न करने वाले कॉल एक साथ चलते हैं, इसलिए एक बैच का समय उसके सबसे धीमे कॉल जितना होता है।

दो असली उदाहरण जो फर्क साफ दिखाते हैं

Factory ने अपने ही सेशन से दो सरल उदाहरण दिए हैं। पहले में Linear की सफाई के दौरान 151 इश्यू एक क्यू से दूसरी क्यू में ले जाए गए और हर मूव को वेरिफाई किया गया — कुल 312 टूल कॉल। सीधे टूल कॉल के अनुमान के हिसाब से इसमें 36 रिक्वेस्ट और करीब 3.1 मिलियन इनपुट टोकन लगते, जबकि Script ने सिर्फ 2 रिक्वेस्ट और करीब 61,000 टोकन में काम पूरा किया — एक रिक्वेस्ट प्रोग्राम लिखने के लिए, दूसरी उसका प्रिंट पढ़ने के लिए।

दूसरे उदाहरण में CI sweep ने 547 रन में 5,384 डेस्कटॉप जॉब चेक किए — कुल 550 टूल कॉल, एक बार में 60 कॉल। Script ने इसे 2 रिक्वेस्ट में पूरा किया, जबकि सीधे तरीके का अनुमान 59 से 187 रिक्वेस्ट था। मॉडल को सिर्फ पांच नंबर का सारांश मिला, जिसमें 41 फेल हुए जॉब शामिल थे। टूल नतीजों का 0.1 प्रतिशत से भी कम हिस्सा मॉडल के कॉन्टेक्स्ट तक पहुंचा, और यह sweep करीब 8 मिनट तक बैकग्राउंड में चला।

Script Mode बनाम सीधे टूल कॉल: तुलना

पहलूScript Mode (Droid 1.0)सीधे टूल कॉल (पुराना तरीका)
Linear सफाई: 151 इश्यू, 312 कॉल2 रिक्वेस्ट, करीब 61,000 टोकनअनुमानित 36 रिक्वेस्ट, करीब 3.1 मिलियन टोकन
CI sweep: 5,384 जॉब, 550 कॉल2 रिक्वेस्ट, मॉडल को सिर्फ सारांश मिलाअनुमानित 59 से 187 रिक्वेस्ट
कॉन्टेक्स्ट में क्या पहुंचासिर्फ प्रोग्राम का आउटपुट, रॉ फाइल-लॉग प्रोग्राम के अंदर ही रहेहर टूल का पूरा रॉ आउटपुट कॉन्टेक्स्ट में जुड़ता था
Claude Opus 5.5 पर लागतसीधे टूल कॉल से 15 प्रतिशत कम (Factory का दावा)बेसलाइन
प्लानिंगपूरा क्रम पहले से कोड में तय, लूप और चेक तय तरीके से चलते हैंहर कदम के बीच मॉडल से पूछना पड़ता था

यह तुलना Factory के अपने उदाहरणों और अनुमानों पर आधारित है — सीधे टूल कॉल वाले आंकड़े अनुमानित हैं, जिन्हें Factory ने खुद अपने पोस्ट में अनुमान बताया है। इन्हें स्वतंत्र बेंचमार्क के नतीजे समझने की गलती मत करना।

Terminal-Bench 4 में Droid 1.0 के नतीजे क्या कहते हैं?

Factory ने Terminal-Bench 4 पर अपनी हेड-टू-हेड टेस्टिंग 23 से 28 अक्टूबर 2026 के बीच की, हर टास्क पर तीन ट्रायल के साथ। GPT-6.1 Sol के साथ Droid ने Codex से 3.5 पॉइंट ज्यादा स्कोर किया, 12 प्रतिशत कम लागत पर, और OpenCode व Devin से 6.6 से 12.6 पॉइंट ज्यादा। Claude Opus 5.5 के साथ Droid ने Cursor, OpenCode, Devin और Claude Code से 3.0 से 7.6 पॉइंट ज्यादा स्कोर किया, और 24 प्रतिशत तक कम लागत पर।

समय के मामले में भी Factory का दावा दिलचस्प है — Opus 5.5 पर Droid ने Claude Code की तुलना में प्रति पास्ड टास्क 26 प्रतिशत कम समय लिया और 17 प्रतिशत कम टोकन इस्तेमाल किए। GPT-6.1 Sol पर Codex की तुलना में टोकन 12 प्रतिशत कम लगे, हालांकि समय 10 प्रतिशत ज्यादा लगा। ये सभी आंकड़े Factory की अपनी टेस्टिंग के हैं, स्वतंत्र वेरिफिकेशन के नहीं — इसलिए इन्हें कंपनी के दावे के तौर पर ही पढ़ना चाहिए।

बेस प्रॉम्प्ट 37 प्रतिशत छोटा कैसे हुआ?

Droid 1.0 में पहला रिक्वेस्ट भी हल्का हुआ है। Droid 0.170.0 से 0.250.0 के बीच बेस प्रॉम्प्ट 20,887 इनपुट टोकन से घटकर 13,055 रह गया — यानी 37 प्रतिशत की कटौती। पहले 11 टूल डेफिनिशन पहले से भेजी जाती थीं, अब सिर्फ 2 भेजी जाती हैं, बाकी जरूरत पड़ने पर लोड होती हैं।

कैश का फायदा भी बड़ा बताया गया है। प्रोडक्शन में आम रिक्वेस्ट का 98 प्रतिशत इनपुट कैश से पढ़ा जाता है, और नए टूल को अब रिक्वेस्ट के अंत में जोड़ा जाता है, ताकि पहले का कैश्ड हिस्सा बेकार न हो। यही छोटी-छोटी बातें लंबे एजेंट सेशन में बड़ा फर्क डालती हैं।

Script Mode किन मॉडल्स पर डिफॉल्ट है?

Factory के मुताबिक, Script Mode इन 10 मॉडल्स पर डिफॉल्ट रूप से चालू है — GPT-6.1 Sol, GPT-6.1 Terra, GPT-6 Astra, GPT-6 Sol, GPT-5.6 Sol, Claude Fable 5.1, Claude Fable 5, Claude Opus 5.5, Claude Opus 5 और Kimi K3। कंपनी यह भी कहती है कि Droid अब macOS और Windows के लिए डेस्कटॉप ऐप के रूप में और टर्मिनल UI के रूप में उपलब्ध है, और उसी हार्नेस पर बना Droid SDK (@factory/droid-sdk) डेवलपर्स को कस्टम टूल्स के साथ Droid चलाने देता है।

एक बात साफ रखनी जरूरी है — Factory के इस पोस्ट में Droid 1.0 की कीमत का कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है, इसलिए इस लेख में कोई प्राइसिंग दावा नहीं किया जा रहा है। कीमत जानने से पहले आधिकारिक पेज ही देखना सही रहेगा।

Droid 1.0 को आजमाने के स्टेप्स

  1. पहले आधिकारिक Factory पेज से Droid 1.0 के लिए macOS या Windows डेस्कटॉप ऐप, या टर्मिनल UI चुनें।
  2. अपना प्रोजेक्ट खोलें और वह मॉडल चुनें जो आपकी जरूरत के हिसाब से सही हो — Script Mode ऊपर बताए गए 10 मॉडल्स पर डिफॉल्ट है।
  3. एक लंबा, कई कदम वाला काम दें — जैसे कई फाइलें खोजना, टिकट ट्रायज करना, या टेस्ट का बैच चलाना — ताकि Script Mode का फायदा दिखे।
  4. Script के प्रिंट किए गए सारांश को पढ़ें, और जरूरत हो तो लॉग में दर्ज पूरे नतीजे खोजें, बजाय हर रॉ आउटपुट को खुद पढ़ने के।
  5. अगर आप अपना एजेंट बनाना चाहते हैं, तो Droid SDK के जरिए उसी हार्नेस पर कस्टम टूल्स जोड़कर देखें।
  6. बड़े या सेंसिटिव बदलाव पर एजेंट के आउटपुट को मर्ज करने से पहले खुद रिव्यू जरूर करें — एजेंट तेज हो गया है, लेकिन जिम्मेदारी अब भी डेवलपर की ही है।

आम जनता और भारतीय युवाओं के लिए क्यों है खास?

सीधी बात यह है कि भारत में हजारों युवा डेवलपर, फ्रीलांसर और स्टार्टअप टीम छोटे बजट में बड़े प्रोजेक्ट संभालते हैं। अगर एक ही टास्क में टोकन और रिक्वेस्ट कम लगें, तो सीधा मतलब है कम बिल और तेज काम। लंबे प्रोजेक्ट में जहां पहले एजेंट बीच में अटकता या गलत कदम दोहराता था, वहां अब तय प्रोग्राम और कैश का फायदा काम को भरोसेमंद बनाता है।

दूसरी बड़ी बात यह है कि Droid मॉडल-इंडिपेंडेंट होने का दावा करता है। इसका मतलब है कि युवा डेवलपर किसी एक मॉडल के गुलाम नहीं रहेंगे — काम के हिसाब से मॉडल बदल सकेंगे, और अपने API keys भी ला सकेंगे। जो लोग ओपन-सोर्स या छोटे प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, उनके लिए यह लचीलापन ही असली जुगाड़ है। लेकिन एक चेतावनी भी है — बेंचमार्क के दावे कंपनी के अपने हैं, इसलिए खरीदने या पूरी टीम को शिफ्ट करने से पहले अपने प्रोजेक्ट पर छोटा ट्रायल जरूर करें।

निष्कर्ष

Factory Droid 1.0 का असली खेल मॉडल बदलना नहीं, हार्नेस बदलना है। Script Mode से एजेंट पहले सोचकर पूरा प्रोग्राम लिखता है, फिर एक ही रिक्वेस्ट में सैकड़ों काम निपटा देता है — इससे कॉन्टेक्स्ट साफ रहता है, टोकन बचते हैं, और लंबे टास्क ज्यादा भरोसेमंद बनते हैं। बेस प्रॉम्प्ट में 37 प्रतिशत की कटौती और कैश का बेहतर इस्तेमाल इस फायदे को और बढ़ा देता है।

लेकिन तगड़ा जुगाड़ तभी काम आएगा जब आप इसे अपने काम पर परखेंगे। Factory के बेंचमार्क दावे प्रभावशाली हैं, मगर वे स्वतंत्र जांच नहीं हैं। इसलिए पहले छोटा ट्रायल करें, अपने टोकन और समय को मापें, और फिर फैसला करें कि Droid 1.0 आपकी टीम के लिए सही है या नहीं।

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आधिकारिक जानकारी के लिए देखें: Factory — Droid 1.0: Building a Frontier Harness

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