Anthropic का नया नियम ChatGPT और Gemini के लिए बन गया तोहफा(2026): No ID, No Claude

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Illustration of AI bots reacting to a blocked ID card showing Anthropic’s No ID No Claude rule impacting ChatGPT and Gemini users
Anthropic’s “No ID, No Claude” rule (2026) shakes the AI world—impact on ChatGPT and Gemini explained

इस लेख में हम सरल भाषा में पूरी डिटेल बताएंगे कि Anthropic ने क्या किया, क्यों किया, यूजर्स की क्या प्रतिक्रिया आई और इसका AI की दुनिया पर क्या असर पड़ सकता है। अगर आप Claude, ChatGPT या Gemini का इस्तेमाल करते हैं तो यह लेख आपके लिए खासतौर पर उपयोगी होगा।

Anthropic ने Claude के लिए ID वेरिफिकेशन क्यों शुरू किया?

Anthropic ने 16 अप्रैल 2026 को अपनी सपोर्ट पेज पर अपडेट किया कि वे Claude के कुछ यूज केस में आइडेंटिटी वेरिफिकेशन शुरू कर रहे हैं। इसमें यूजर्स को सरकारी फोटो ID (जैसे पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या नेशनल आईडी कार्ड) और लाइव सेल्फी देनी पड़ सकती है।⁠Timesofindia.indiatimes

कंपनी का कहना है कि यह कदम तीन मुख्य वजहों से उठाया गया है:

  • दुरुपयोग रोकना (Prevent abuse): कुछ लोग AI का गलत इस्तेमाल करते हैं, जैसे फर्जी अकाउंट बनाकर नियम तोड़ना।
  • यूजेज पॉलिसी लागू करना: Claude के नियमों का पालन सुनिश्चित करना।
  • कानूनी जरूरतें पूरी करना (Compliance with legal obligations): कई देशों में AI कंपनियों पर सख्त नियम बन रहे हैं।

Anthropic ने साफ कहा कि वे सिर्फ जरूरी जानकारी ले रहे हैं। वेरिफिकेशन डेटा का इस्तेमाल सिर्फ आपकी पहचान कन्फर्म करने के लिए होगा, मॉडल ट्रेनिंग या मार्केटिंग के लिए नहीं। डेटा तीसरी पार्टी के साथ शेयर नहीं किया जाएगा, सिवाय कानूनी जरूरत के। वे Persona नाम की सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं जो वेरिफिकेशन प्रोसेस हैंडल करती है।

कौन से ID स्वीकार किए जाते हैं?

  • पासपोर्ट
  • ड्राइविंग लाइसेंस या स्टेट/प्रोविंशियल ID
  • नेशनल आइडेंटिटी कार्ड

ID फिजिकल, साफ, डैमेज फ्री और फोटो वाला होना चाहिए। फोटोकॉपी, स्क्रीनशॉट, डिजिटल मोबाइल ID, स्टूडेंट ID या टेम्पररी पेपर ID मान्य नहीं हैं। प्रोसेस में लाइव सेल्फी भी ली जाती है, जो सिर्फ 2-5 मिनट का काम है।

कंपनी का आश्वासन: “हम आपकी वेरिफिकेशन डेटा को सिर्फ पहचान कन्फर्म करने के लिए इस्तेमाल करेंगे। हम जरूरत से ज्यादा कुछ नहीं ले रहे।”⁠Helpnetsecurity

यूजर्स की प्रतिक्रिया: नाराजगी और चिंता

यह खबर आते ही सोशल मीडिया पर तूफान आ गया। खासकर X (पूर्व Twitter) पर यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कई लोग Claude को प्राइवेसी के लिए बेहतर मानते थे, क्योंकि OpenAI के साथ कुछ सर्विलांस डील की खबरों के बाद लाखों यूजर्स Claude की ओर आए थे। लेकिन अब Anthropic का यह कदम उन्हें निराश कर रहा है।

एक यूजर Kai (@hqmank) ने लिखा: “Claude अब सब्सक्रिप्शन से पहले गवर्नमेंट ID वेरिफिकेशन मांग रहा है। ChatGPT नहीं मांगता। Gemini नहीं मांगता। Anthropic ने अपने कॉम्पिटिटर्स को गिफ्ट दे दिया।”⁠Timesofindia.indiatimes

दूसरे यूजर ने कहा: “यह सिर्फ KYC नहीं जोड़ा, बल्कि इंटेलिजेंस तक पहुंच को पहचान से जोड़ दिया। जब AI एक्सेस ‘आप कौन हैं’ पर निर्भर हो जाए, तो यह टूल से निकलकर कंट्रोल का इंफ्रास्ट्रक्चर बन जाता है।”

एक और यूजर ने लिखा: “यह बुरा कदम है। मैं अभी Pro प्लान रिन्यू करने वाला था, लेकिन अब शायद Super Grok या Gemini Pro की ओर जा सकता हूं।”

Reddit और Hacker News पर भी चर्चा हुई। कई लोग कह रहे हैं कि यह पहला बड़ा AI चैटबॉट है जो इतना सख्त वेरिफिकेशन मांग रहा है। कुछ यूजर्स ने अकाउंट कैंसल करने की धमकी दी। चीन के यूजर्स के लिए तो यह और मुश्किल हो गया, क्योंकि वहां ब्लैक मार्केट में वर्कअराउंड बिकने लगे।⁠Amp.scmp

ChatGPT और Gemini को फायदा क्यों?

Claude की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण था कि यह प्राइवेसी और सेफ्टी पर फोकस करता है। Anthropic की फाउंडर Dario Amodei हमेशा रिस्पॉन्सिबल AI की बात करते हैं। लेकिन ID वेरिफिकेशन से यूजर्स को लग रहा है कि Claude अब कम यूजर-फ्रेंडली हो गया।

ChatGPT (OpenAI) और Gemini (Google) अभी तक ऐसे किसी ID चेक की जरूरत नहीं रखते। इससे यूजर्स आसानी से स्विच कर सकते हैं। कई लोग कह रहे हैं कि Anthropic ने अनजाने में अपने कॉम्पिटिटर्स को मार्केट शेयर बढ़ाने का मौका दे दिया।

विशेष रूप से:

  • ChatGPT: बड़े यूजर बेस, आसान एक्सेस, एंटरप्राइज प्लान में मजबूत प्राइवेसी फीचर्स।
  • Gemini: Google इकोसिस्टम के साथ इंटीग्रेशन, मल्टीमॉडल कैपेबिलिटी।
  • Claude: पहले बेहतर रीजनिंग और सेफ्टी के लिए जाना जाता था, लेकिन अब एक्सेस बैरियर बढ़ गया।

ID वेरिफिकेशन के फायदे और नुकसान

फायदे:

  1. सुरक्षा बढ़ेगी: फर्जी अकाउंट, दुरुपयोग और मिसयूज कम होगा।
  2. कानूनी अनुपालन: रेगुलेटर्स से बचाव।
  3. बेहतर प्लेटफॉर्म इंटीग्रिटी: रूटीन चेक से प्लेटफॉर्म साफ रहेगा।

नुकसान:

  1. प्राइवेसी की चिंता: सरकारी ID और सेल्फी देना कई लोगों को पसंद नहीं।
  2. यूजर एक्सपीरियंस खराब: आसान एक्सेस की जगह बैरियर आ गया।
  3. मार्केट में नुकसान: कॉम्पिटिटर्स को फायदा।
  4. ग्लोबल यूजर्स पर असर: कुछ देशों में ID उपलब्धता या प्राइवेसी कानून अलग हैं।

Anthropic ने स्पष्ट किया कि यह सभी यूजर्स पर नहीं, बल्कि कुछ यूज केस और सेलेक्ट यूजर्स पर लागू हो रहा है। जैसे एडवांस्ड फीचर्स, हाई रिस्क एक्टिविटी या सब्सक्रिप्शन चेक के दौरान।

AI इंडस्ट्री में प्राइवेसी vs सेफ्टी का संतुलन

यह मुद्दा सिर्फ Claude तक सीमित नहीं है। पूरी AI दुनिया में प्राइवेसी और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना चुनौती है।

  • एक तरफ सरकारें AI पर सख्त नियम बना रही हैं (जैसे EU AI Act)।
  • दूसरी तरफ यूजर्स चाहते हैं कि AI आसान, प्राइवेट और बिना किसी निगरानी का हो।

OpenAI पर भी सर्विलांस डील की आलोचना हुई थी, जिससे Claude को फायदा हुआ। अब Anthropic पर उल्टा आरोप लग रहा है। भविष्य में शायद सभी बड़ी AI कंपनियां कुछ न कुछ वेरिफिकेशन लागू करें, लेकिन पहले मूव करने वाला Anthropic विवाद में आ गया।

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सही तरीका मिनिमल डेटा कलेक्शन और ट्रांसपेरेंसी होना चाहिए। Anthropic ने ये बातें कही हैं, लेकिन यूजर्स को विश्वास बहाल करने में समय लगेगा।

क्या करें अगर Claude पर वेरिफिकेशन प्रॉम्प्ट आए?

  1. अगर प्रॉम्प्ट आए तो शांत रहें। प्रोसेस आसान है – वैध ID और कैमरा तैयार रखें।
  2. डेटा कैसे इस्तेमाल होगा, यह Anthropic की पॉलिसी पढ़ लें।
  3. अगर चिंता हो तो सपोर्ट से संपर्क करें।
  4. अल्टरनेटिव: ChatGPT, Gemini या Grok जैसे अन्य AI ट्राई करें।
  5. प्राइवेसी के लिए VPN या अलग अकाउंट इस्तेमाल करने से पहले नियम चेक करें।

निष्कर्ष: AI का भविष्य कहां जा रहा है?

Anthropic का यह कदम AI इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह दिखाता है कि सेफ्टी और कंप्लायंस अब अनदेखा नहीं किया जा सकता। लेकिन यूजर ट्रस्ट खोना भी महंगा पड़ सकता है।

Claude अभी भी पावरफुल AI है – बेहतर रीजनिंग, कोडिंग और एथिकल रिस्पॉन्स के लिए जाना जाता है। अगर कंपनी यूजर फीडबैक सुनकर प्रोसेस को और आसान और ट्रांसपेरेंट बनाती है, तो यह विवाद शांत हो सकता है।

दूसरी ओर, ChatGPT और Gemini को यह मौका मिला है कि वे अपनी प्राइवेसी फीचर्स को और मजबूत करके ज्यादा यूजर्स आकर्षित करें।

AI यूजर्स के रूप में हमें सतर्क रहना चाहिए। हम कौन सी कंपनी चुनते हैं, यह सिर्फ परफॉर्मेंस पर नहीं, बल्कि प्राइवेसी, सेफ्टी और आसानी के संतुलन पर भी निर्भर करता है।

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