
भारत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर प्रोफेसर अजय सूद ने एक विशेष इंटरव्यू में बताया कि IndiaAI Mission के तहत 500 PhD स्कॉलर्स, 5,000 पोस्टग्रेजुएट (PG) छात्र और 8,000 अंडरग्रेजुएट (UG) छात्रों को AI से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी। यह मिशन यूनिवर्सिटी और रिसर्च इंस्टीट्यूट्स को सीधे जोड़कर देश की इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत कर रहा है।
अगर आप AI, सेमीकंडक्टर या क्वांटम टेक्नोलॉजी में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। आइए सरल भाषा में समझते हैं कि प्रोफेसर अजय सूद ने क्या कहा, यह मिशन कैसे काम करेगा और युवाओं के लिए क्या फायदे हैं। यह लेख 100% सरल हिंदी में लिखा गया है ताकि हर स्टूडेंट आसानी से समझ सके।
- Prof. Ajay Kumar Sood कौन हैं और उन्होंने क्यों यह बात कही?
- IndiaAI Mission क्या है? बजट और 7 पिलर का पूरा प्लान
- Ajay Sood के अनुसार यूनिवर्सिटी कैसे जुड़ रही हैं?
- Anusandhan National Research Foundation (ANRF): नया फंडिंग मॉडल
- अर्ली करियर रिसर्चर्स और युवा वैज्ञानिकों के लिए स्पेशल प्रोग्राम
- प्रीमियर इंस्टीट्यूट्स और इमर्जिंग यूनिवर्सिटी का सहयोग
- युवाओं के लिए फायदे और करियर ऑप्शन्स
- भारत का विजन: विकसित भारत और AI पावरहाउस
- निष्कर्ष: अब समय है एक्शन का!
Prof. Ajay Kumar Sood कौन हैं और उन्होंने क्यों यह बात कही?
Prof. Ajay Kumar Sood भारत सरकार के Principal Scientific Advisor (PSA) हैं। वे प्रधानमंत्री की साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन एडवाइजरी काउंसिल (PM-STIAC) के चेयरमैन भी हैं। उनका काम है कि प्रधानमंत्री के विजन को हकीकत में बदलना – जैसे ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था बनाना।
ETEduction के साथ विशेष बातचीत में प्रोफेसर सूद ने बताया कि भारत अब AI, सेमीकंडक्टर और क्वांटम जैसी उभरती टेक्नोलॉजी में मिशन मोड पर काम कर रहा है। ये मिशन सिर्फ बड़े इंस्टीट्यूट्स तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश भर की यूनिवर्सिटी और रिसर्च सेंटर्स को जोड़ रहे हैं। उनका कहना है – “यूनिवर्सिटी अब सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि रिसर्च और इनोवेशन का केंद्र बन रही हैं।”
IndiaAI Mission क्या है? बजट और 7 पिलर का पूरा प्लान
IndiaAI Mission मार्च 2024 में कैबिनेट ने मंजूर किया। इसका कुल बजट लगभग ₹10,400 करोड़ है और यह 5 साल तक चलेगा। मिशन का मकसद है भारत को AI में आत्मनिर्भर बनाना और वैश्विक लीडर बनाना।
इसके 7 मुख्य पिलर हैं:
- IndiaAI Compute Capacity (10,000+ GPU उपलब्ध कराना)
- Innovation Centre
- Datasets Platform (AIKosh)
- Application Development
- FutureSkills (ट्रेनिंग का सबसे बड़ा हिस्सा)
- Startup Financing
- Safe & Trusted AI

FutureSkills पिलर ही वह हिस्सा है जिसमें 500 PhD, 5,000 PG और 8,000 UG छात्रों को ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रोफेसर सूद ने खास तौर पर इसकी बात की। यह पिलर Tier-2 और Tier-3 शहरों में भी Data और AI Labs बनाएगा ताकि गांव-शहर का फर्क खत्म हो।
ट्रेनिंग के तहत:
- UG छात्रों को प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग
- PG छात्रों को एडवांस AI/ML एप्लीकेशन
- PhD स्कॉलर्स को फाउंडेशनल AI रिसर्च (जैसे बायस कम करना, इंटरप्रिटेबिलिटी)
फेलोशिप के साथ फंडिंग, मेंटरशिप, GPU एक्सेस और सर्टिफिकेट भी मिलेगा। शुरुआत में 130 BTech और 40 MTech छात्रों को सपोर्ट मिल चुका है।
Ajay Sood के अनुसार यूनिवर्सिटी कैसे जुड़ रही हैं?
प्रोफेसर सूद ने बताया कि भारत हर साल 15 लाख इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स बनाता है और उनमें 43% महिलाएं हैं – यह बहुत अच्छा संकेत है। अब यूनिवर्सिटी को नेशनल मिशन से जोड़ा जा रहा है।
उदाहरण:
- Semicon India Programme: सेमीकंडक्टर फैक्टरियां आ रही हैं (जैसे Micron)। IITs और AICTE नए कोर्स बना रहे हैं ताकि स्किल्ड युवा तैयार हों।
- National Quantum Mission: वर्कफोर्स तैयार करने पर फोकस।
इन मिशन्स में यूनिवर्सिटी सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस बनाएगी। प्रोफेसर सूद का कहना है – “Tier-1 इंस्टीट्यूट्स (IIT, IISc) अकेले सब नहीं कर सकते। Tier-2 और Tier-3 को भी मजबूत करना जरूरी है।”
इसीलिए UTTHAN प्रोग्राम शुरू किया गया ताकि छोटी यूनिवर्सिटी भी रिसर्च में शामिल हो सकें।
Anusandhan National Research Foundation (ANRF): नया फंडिंग मॉडल
प्रोफेसर सूद ने ANRF को बहुत महत्व दिया। यह 1.5 साल पहले शुरू हुआ और रिसर्च के लिए अतिरिक्त फंडिंग देता है।
मुख्य स्कीम्स:
- Prime Minister’s Early Career Research Grant (PMECRG): नए फैकल्टी (पहले 3 साल) को सपोर्ट। पहली कॉल में 800+ रिसर्चर्स को फंड मिला (सक्सेस रेट 10%)।
- Advanced Research Grant (ARG): इंडिविजुअल रिसर्च प्रोजेक्ट्स।
- PAIR (Partnerships for Accelerated Innovation and Research): Tier-1 इंस्टीट्यूट्स हब बनेंगे और Tier-2/3 को स्पोक के रूप में जोड़ेंगे। हर हब को ₹100 करोड़ तक फंड, जिसमें 70% स्पोक इंस्टीट्यूट्स को जाएगा।
इसके अलावा PM-USHA स्कीम से यूनिवर्सिटी को फंडिंग, RDI Fund से इंडस्ट्री-अकादेमिया कोलैबोरेशन और ₹10,000 करोड़ का Deep-Tech Startup Fund भी है।
प्रोफेसर सूद कहते हैं – “ANRF अकादेमिया को सपोर्ट करता है, RDI फंड इंडस्ट्री को। दोनों मिलकर पूरा इकोसिस्टम मजबूत होगा।”
अर्ली करियर रिसर्चर्स और युवा वैज्ञानिकों के लिए स्पेशल प्रोग्राम
युवा रिसर्चर्स के लिए कई स्कीम्स हैं:
- 4-ईयर UG प्रोग्राम में NEP 2020 के तहत आखिरी साल रिसर्च कंपोनेंट।
- SOAR – Skill for AI Readiness: क्लास 6 से 12 के छात्रों के लिए 15 घंटे का AI मॉड्यूल और टीचर्स के लिए 45 घंटे ट्रेनिंग।
- Manthan प्लेटफॉर्म: इंडस्ट्री और अकादेमिया को जोड़ता है। 3.5 साल में ₹9,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स हुए।
- VAIBHAV Fellowship: भारतीय डायस्पोरा वैज्ञानिकों को भारत बुलाना।
- Prime Minister’s Professorships: रिटायर्ड लेकिन एक्टिव साइंटिस्ट्स को Tier-2/3 यूनिवर्सिटी में बुलाना।
प्रीमियर इंस्टीट्यूट्स और इमर्जिंग यूनिवर्सिटी का सहयोग
प्रोफेसर सूद ने जोर दिया कि IIT Madras, IIT Kanpur, IIT Kharagpur जैसे बड़े नाम अब छोटी यूनिवर्सिटी के साथ पार्टनर बनेंगे। PAIR प्रोग्राम इसी का हिस्सा है।
इससे क्या होगा?
- रिसर्च कैपेसिटी बढ़ेगी
- Tier-2/3 शहरों में AI Labs खुलेगे
- महिलाओं और ग्रामीण छात्रों को ज्यादा मौके
- भारत AI में ग्लोबल लीडर बनेगा
युवाओं के लिए फायदे और करियर ऑप्शन्स
यह मिशन सिर्फ ट्रेनिंग नहीं, बल्कि करियर का दरवाजा खोल रहा है:
- PhD छात्रों को फुल स्टाइपेंड + रिसर्च फंड
- PG और UG को प्रोजेक्ट फंडिंग (₹1 लाख तक)
- इंडस्ट्री जॉब्स, स्टार्टअप, फैकल्टी पोजीशन
- AI एथिक्स, कंप्यूटर विजन, लैंग्वेज मॉडल जैसे टॉपिक्स पर काम
अगर आप BTech, MTech या PhD कर रहे हैं तो IndiaAI Portal (indiaai.gov.in) पर रजिस्टर करें। कॉलेज नॉमिनेशन के बाद सिलेक्शन होगा।
भारत का विजन: विकसित भारत और AI पावरहाउस
प्रोफेसर अजय सूद का पूरा फोकस है कि AI सबके लिए हो, सिर्फ कुछ लोगों के लिए नहीं। National Education Policy 2020, ANRF और IndiaAI Mission मिलकर रिसर्च और एजुकेशन को जोड़ रहे हैं।
देश में 10,000+ GPU, इंडिक भाषाओं में AI मॉडल और सेफ AI फ्रेमवर्क बन रहा है। इससे रोजगार बढ़ेगा, इनोवेशन बढ़ेगा और भारत 2030 तक AI इकोनॉमी में टॉप पर होगा।
निष्कर्ष: अब समय है एक्शन का!
Prof. Ajay Kumar Sood का यह इंटरव्यू साफ बताता है कि भारत सरकार AI को सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि युवाओं का भविष्य मान रही है। IndiaAI Mission के जरिए 13,500+ छात्रों को डायरेक्ट ट्रेनिंग, ANRF से फंडिंग और बड़े-छोटे इंस्टीट्यूट्स का सहयोग – यह सब मिलकर भारत को ज्ञान आधारित सुपरपावर बना रहा है।
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