इंडस्ट्री में एआई उपयोग

EKA-1 और Dhīr आए: भारत के अपने 3 AI मॉडल लॉन्च!

Suvadip Ghara
By Suvadip Ghara On November 4, 2026
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अरे भाई सुनो, मार्केट में एकदम गदर मच गया है। भारत ने अब सिर्फ विदेशी AI मॉडलों पर निर्भर रहने का दौर पीछे छोड़ दिया है। 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में IndiaAI Mission ने देश के अपने तीन फाउंडेशन मॉडल — EKA-1, Dhīr 2B और Dhīr 5B — जारी कर दिए हैं। सीधी बात नो बकवास: यह लॉन्च भारतीय भाषाओं, बैंकिंग, साइबर सुरक्षा और बिना इंटरनेट वाले इलाकों के लिए सीधे काम आने वाली तकनीक लेकर आया है।

इस लेख में हम साफ-साफ समझेंगे कि EKA-1 क्या है, Dhīr मॉडल किस काम के हैं, दोनों में क्या फर्क है, और आम आदमी व भारतीय युवाओं के लिए इसका असली फायदा क्या है। कोई बढ़ा-चढ़ाकर दावा नहीं, सिर्फ वही बातें जो आधिकारिक PIB रिलीज और संबंधित रिपोर्टों में दर्ज हैं।

क्या हुआ है: 3 नवंबर 2026 का बड़ा लॉन्च

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत IndiaAI Mission ने EKA-1 और Dhīr मॉडल जारी किए। यह रिलीज नई दिल्ली में एक प्रेस कार्यक्रम में हुई, जिसमें MeitY सचिव श्री एस. कृष्णन, MeitY और IndiaAI के वरिष्ठ अधिकारी तथा दोनों कंपनियों की नेतृत्व टीमें मौजूद थीं।

ये दोनों टीमें IndiaAI Innovation Centre के फाउंडेशन मॉडल्स पिलर के तहत चुनी गई हैं। PIB रिलीज के अनुसार, मिशन के तहत मिली सब्सिडी वाली राष्ट्रीय AI कंप्यूट सुविधा और शोध खर्चों के लिए सहयोग ने इन मॉडलों के विकास को तेज किया। MeitY सचिव ने कहा कि स्वदेशी मॉडलों का विकास भारत की तकनीकी और रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत करता है और सरकार, उद्योग, शोध व शिक्षा में उत्पादकता बढ़ाने के मौके खोलता है।

EKA-1 क्या है: Soket Labs का बड़ा दांव

EKA-1 को Soket Labs Technology and Research Private Limited ने विकसित किया है। PIB रिलीज के अनुसार यह एक ओपन, स्पार्स हाइब्रिड लैंग्वेज मॉडल है, जिसमें 26.3 अरब पैरामीटर हैं और इसे लगभग 7.5 ट्रिलियन टोकन पर प्रशिक्षित किया गया है।

EKA-1 अंग्रेजी के साथ भारत की सभी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं में काम करने के लिए बनाया गया है। इसे गणित, कोडिंग, रीजनिंग और एजेंटिक उपयोग के लिए डिजाइन किया गया है। Soket Labs के CEO Abhishek Upperwal ने कहा कि यह मॉडल खासतौर पर भारत के बैंकिंग, वित्तीय सेवा और साइबर सुरक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि क्षेत्र-विशेष जरूरतों को समझा जा सके।

Dhīr 2B और Dhīr 5B क्या हैं: छोटा साइज, बड़ा काम

Dhīr मॉडल ZenteiQ AiTech Innovations ने विकसित किए हैं। ये दोनों ओपन-सोर्स मॉडल हैं और अंग्रेजी के साथ 10 भारतीय भाषाओं का समर्थन करते हैं। PIB रिलीज के अनुसार इन्हें सुरक्षित, ऑन-प्रेमिस, बहुभाषी असिस्टेंट के रूप में तैनात किया जा सकता है।

इनकी सबसे बड़ी ताकत ऑफलाइन क्षमता है। Dhīr 2B और Dhīr 5B ऑफलाइन, दस्तावेज-आधारित ऑटोमेशन, नॉलेज रिट्रीवल और नागरिक या उद्यम सेवाओं के लिए बनाए गए हैं। रक्षा, सरकार, औद्योगिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में, खासकर कम कनेक्टिविटी या संवेदनशील माहौल में, ये मॉडल काम आ सकते हैं।

ZenteiQ के CEO प्रो. सशिकुमार ने कहा कि इन मॉडलों का हल्का आर्किटेक्चर मोबाइल फोन पर भी ऑन-डिवाइस तैनाती की अनुमति देता है, बिना क्लाउड कनेक्टिविटी पर निर्भर हुए। इससे डेटा डिवाइस पर ही रहता है, जो प्राइवेसी और सुरक्षा के लिहाज से बड़ी बात है।

EKA-1 बनाम Dhīr: सीधी तुलना

बिंदुEKA-1Dhīr 2B और Dhīr 5B
बनाने वाली कंपनीSoket LabsZenteiQ AiTech Innovations
साइज (कंपनी/रिपोर्ट के अनुसार)26.3 अरब पैरामीटर, लगभग 7.5 ट्रिलियन टोकन पर प्रशिक्षणDhīr 2B लगभग 2.03 अरब पैरामीटर; Dhīr 5B कुल 5.09 अरब पैरामीटर, जिनमें एक समय में 1.79 अरब सक्रिय
भाषाएंअंग्रेजी + सभी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाएंअंग्रेजी + 10 भारतीय भाषाएं
मुख्य उपयोगगणित, कोड, रीजनिंग, एजेंटिक काम; बैंकिंग, वित्तीय सेवा, साइबर सुरक्षाऑफलाइन, दस्तावेज-आधारित ऑटोमेशन, नॉलेज रिट्रीवल, नागरिक व उद्यम सेवाएं
तैनातीएंटरप्राइज व क्षेत्र-विशेष उपयोग के लिए बड़ा फाउंडेशन मॉडलसुरक्षित ऑन-प्रेमिस और मोबाइल सहित ऑन-डिवाइस तैनाती
लाइसेंस/प्रकृतिओपन, स्पार्स हाइब्रिड लैंग्वेज मॉडलओपन-सोर्स मॉडल

ध्यान रहे, Dhīr के पैरामीटर विवरण कंपनी से जुड़ी रिपोर्टों पर आधारित हैं, जबकि EKA-1 के आंकड़े और भाषाओं की जानकारी सीधे PIB रिलीज में दर्ज है।

AIKosh से क्या मिलेगा

PIB रिलीज के अनुसार, AIKosh जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए इन मॉडलों को शोधकर्ताओं, छात्रों, इनोवेटर्स और आम जनता तक पहुंचाया जा सकता है, ताकि और प्रयोग व इनोवेशन को बढ़ावा मिले। IndiaAI के COO सुदीप श्रीवास्तव ने कहा कि Dhīr और EKA-1 जैसे मॉडल देश की बहु-स्तरीय प्रगति दिखाते हैं — रोजमर्रा के डिवाइस के लिए हल्के समाधान से लेकर जटिल एंटरप्राइज कामों के लिए मजबूत मॉडल तक।

इसका मतलब यह नहीं है कि हर यूजर को तुरंत कोई तैयार चैट ऐप मिल जाएगा। यह एक फाउंडेशन-स्तर की रिलीज है, जिस पर डेवलपर, स्टार्टअप और संस्थान अपने ऐप और सेवाएं बना सकेंगे।

आम जनता और भारतीय युवाओं के लिए क्यों है खास?

पहली बात, भाषा। अगर AI आपकी अपनी भाषा समझे, तो बैंकिंग फॉर्म, सरकारी दस्तावेज और पढ़ाई की सामग्री समझना आसान हो जाता है। EKA-1 की 22 अनुसूचित भाषाओं वाली क्षमता और Dhīr की 10 भारतीय भाषाओं वाली क्षमता इसी दिशा में कदम है।

दूसरी बात, ऑफलाइन काम। भारत के कई इलाकों में इंटरनेट हर समय भरोसेमंद नहीं होता। Dhīr जैसे मॉडल का डिवाइस पर चलना मतलब है कि कम कनेक्टिविटी में भी दस्तावेज खोजना, जानकारी निकालना और सेवाएं चलाना मुमकिन हो सकता है।

तीसरी बात, युवाओं के लिए मौके। जो छात्र या डेवलपर AI सीख रहे हैं, उनके लिए स्वदेशी ओपन मॉडल पर प्रयोग करना, फाइन-ट्यूनिंग सीखना और भारतीय उपयोग-मामलों के लिए ऐप बनाना एक सीधा रास्ता खोलता है। सरकारी और रक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में डेटा डिवाइस पर रखने की क्षमता भी भारतीय कंपनियों के लिए भरोसा बढ़ाती है।

चौथी बात, आत्मनिर्भरता। जब देश के अपने मॉडल होंगे, तो भारतीय जरूरतों के हिसाब से समाधान बनाना विदेशी मॉडलों का इंतजार करने से तेज हो सकता है। लेकिन ईमानदारी से यह भी समझना जरूरी है कि यह एक शुरुआती मील का पत्थर है, न कि बड़े पैमाने पर व्यावसायिक सफलता का सबूत। सरकार ने इन मॉडलों की स्थापित अंतरराष्ट्रीय मॉडलों से तुलना करने वाले व्यापक स्वतंत्र बेंचमार्क नतीजे इस रिलीज में नहीं दिए हैं, इसलिए इस लेख में ऐसा कोई तुलनात्मक दावा नहीं किया गया है।

इन मॉडलों को समझने और इस्तेमाल की दिशा में कदम

  1. सबसे पहले PIB की आधिकारिक रिलीज पढ़ें, ताकि मॉडलों के नाम, बनाने वाली कंपनियां और घोषित क्षमताएं साफ रहें।
  2. फिर AIKosh और IndiaAI Mission की आधिकारिक जानकारी देखें, जहां इन मॉडलों की उपलब्धता के बारे में बताया गया है।
  3. अपना उपयोग-मामला तय करें — जैसे भारतीय भाषा में दस्तावेज समझना, ऑफलाइन नॉलेज रिट्रीवल, या एंटरप्राइज ऑटोमेशन।
  4. अगर आप डेवलपर हैं, तो Dhīr जैसे ओपन-सोर्स मॉडल पर छोटे प्रयोग से शुरुआत करें और अपने डेटा की प्राइवेसी व लाइसेंस शर्तें पहले जांच लें।
  5. कोई भी व्यावसायिक दावा करने से पहले मॉडल की आधिकारिक दस्तावेजीकरण और मूल्यांकन जानकारी जरूर सत्यापित करें।

निष्कर्ष

सीधी बात यह है कि EKA-1 और Dhīr का लॉन्च भारत की AI कहानी में एक मजबूत मोड़ है। एक तरफ EKA-1 बड़ा, बहुभाषी और एंटरप्राइज-केंद्रित मॉडल है, दूसरी तरफ Dhīr छोटे, ऑफलाइन और सुरक्षित तैनाती वाले मॉडल हैं। दोनों मिलकर एक ही संदेश देते हैं — भारत अब सिर्फ AI इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि AI बनाने वाला देश बनने की राह पर है।

अगर आप छात्र, डेवलपर या स्टार्टअप फाउंडर हैं, तो इस रिलीज पर नजर रखें, आधिकारिक दस्तावेज पढ़ें और भारतीय भाषाओं व ऑफलाइन उपयोग के लिए कुछ बनाकर देखें। गजब का भौकाल तभी बनेगा, जब इस तकनीक से आम आदमी का काम सच में आसान होगा।

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आधिकारिक जानकारी के लिए देखें: PIB रिलीज: IndiaAI Mission ने EKA-1 और Dhīr मॉडल जारी किए (3 नवंबर 2026)

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