अरे भाई सुनो, यूपी से ऐसी खबर आई है कि सुनकर चाय की टपरी पर चर्चा गरम हो गई है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 27 अक्टूबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक बड़ा पार्क बनाने को मंजूरी दे दी है। इसका नाम है PRAGATI पार्क, और फुल स्केल पर इससे 1 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा होने का अनुमान है। जी हां, यह कोई छोटा-मोटा ऐलान नहीं है, बल्कि यूपी को रोबोट और AI मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा अड्डा बनाने की सीधी चाल है।
सीधी बात नो बकवास: यह पार्क अभी बनना शुरू नहीं हुआ है, बल्कि कैबिनेट ने इसके बनने का रास्ता साफ किया है। लेकिन योजना इतनी बड़ी है कि अगर आप टेक, रोबोटिक्स या AI की दुनिया में अपना भविष्य देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए सोने पर सुहागा है। आइए पूरी डिटेल समझते हैं, वह भी बिना किसी बढ़ा-चढ़ाकर दावे के।
PRAGATI पार्क क्या है?
PRAGATI का पूरा नाम है Robotics and AI Growth Through Technology and Innovation Park। यानी रोबोटिक्स और AI के विकास, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के जरिए आगे बढ़ने का मंच। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली बैठक में इस पार्क को मंजूरी दी गई।
इस पार्क का मकसद साफ है: भारत में ही रोबोट बनाना, AI टेक्नोलॉजी विकसित करना, निवेश और रिसर्च के लिए अच्छा माहौल बनाना, और आयात पर निर्भरता कम करना। यानी अब रोबोट के पुर्जों और AI सिस्टम के लिए बाहर का मुंह देखने की मजबूरी घटेगी, और भारतीय कंपनियां दुनिया के बाजार के हिसाब से प्रोडक्ट बना सकेंगी।
69.52 एकड़ में बनेगा पार्क, 1 लाख नौकरियों का अनुमान
यह पार्क ग्रेटर नोएडा में 69.52 एकड़ जमीन पर विकसित होगा। कैबिनेट ब्रीफिंग में साझा की गई परियोजना जानकारी के अनुसार, फुल स्केल पर यह पार्क 1 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा करेगा और उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में हर साल लगभग 2,000 करोड़ रुपये का सकल मूल्य वर्धन (GVA) जोड़ेगा।
यहां एक बात साफ समझ लीजिए: 1 लाख नौकरियां और 2,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा फुल स्केल का अनुमान है, यानी जब पार्क पूरी तरह चलने लगेगा तब का लक्ष्य। यह कोई आज की भर्ती का विज्ञापन नहीं है और न ही पार्क में लगाया जाने वाला निवेश है। जो खबरें 2,000 करोड़ रुपये को निवेश बता रही हैं, वे इस आंकड़े को गलत तरीके से पेश कर रही हैं। सही तथ्य यही है कि यह सालाना GVA का अनुमान है।
दो जोन में बंटेगा पार्क: जानिए पूरा गणित
PRAGATI पार्क को दो जोन में विकसित किया जाएगा। पहला जोन छोटा लेकिन सरकार की सीधी भागीदारी वाला होगा, और दूसरा जोन बड़ा होगा जिसे निजी कंपनियां विकसित करेंगी। दोनों का गणित नीचे दी गई तालिका में साफ है।
| बिंदु | पहला जोन | दूसरा जोन |
|---|---|---|
| क्षेत्रफल | 8 एकड़ | 61.52 एकड़ |
| विकास मॉडल | सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के जरिए | निजी उद्यमों के निवेश से औद्योगिक इकाइयां |
| हिस्सेदारी | ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी 26 प्रतिशत, चुना गया औद्योगिक साझेदार 74 प्रतिशत | निजी निवेशकों की इकाइयां |
| सरकारी पैसा | ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी 21.1 करोड़ रुपये इक्विटी के रूप में; राज्य सरकार 30 साल के लिए 126.2 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण | इस जोन के विकास में राज्य सरकार की कोई पूंजीगत देनदारी नहीं |
| अन्य शर्त | 8 एकड़ जमीन के लीज प्रीमियम की भरपाई आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के जरिए होगी | दूसरे जोन में जमीन आवंटन पर विकास शुल्क से होने वाली आय का 5 प्रतिशत सर्विस चार्ज के रूप में SPV को मिलेगा, साथ में लागू GST |
कब तक शुरू होगा काम?
औद्योगिक साझेदार का चयन क्वालिटी आधारित चयन प्रक्रिया से होगा। इसके बाद SPV का पंजीकरण, जमीन का आवंटन, लीज डीड पर हस्ताक्षर और निर्माण कार्य जैसे अगले कदम उठाए जाएंगे। परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए एक समिति भी होगी।
पहले जोन में वाणिज्यिक संचालन SPV के पंजीकरण के 36 महीनों के भीतर शुरू करने का लक्ष्य है, और जरूरत पड़ने पर इसे अधिकतम 48 महीनों तक बढ़ाया जा सकता है। यानी पहले जोन के चालू होने में अभी कुछ साल का समय लगेगा, यह रातोंरात खुलने वाला प्रोजेक्ट नहीं है।
स्टार्टअप्स को क्या मिलेगा? टेस्टिंग, GPU और सर्टिफिकेशन
इस पार्क की सबसे तगड़ी बात इसकी साझा सुविधाएं हैं। यहां रोबोटिक्स टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन केंद्र, रैपिड प्रोटोटाइपिंग सुविधा, AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, मोशन-कैप्चर सिस्टम और डेटा लैबोरेटरी होंगी।
स्टार्टअप्स और उद्यमी किफायती दरों पर एडवांस्ड टेस्टिंग, प्रोटोटाइपिंग और GPU आधारित कंप्यूटिंग सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे। साथ ही, पार्क से रोबोटिक्स प्रोडक्ट्स की ग्लोबल मानकों के हिसाब से टेस्टिंग और CE तथा UL सर्टिफिकेशन हासिल करने की क्षमता भी मजबूत होगी। छोटे स्टार्टअप के लिए यह बहुत बड़ा जुगाड़ है, क्योंकि महंगी टेस्टिंग लैब और GPU इंफ्रा अकेले खरीदना हर किसी के बस में नहीं होता।
आम जनता और भारतीय युवाओं के लिए क्यों है खास?
यह खबर आम जनता और भारतीय युवाओं के लिए इसलिए खास है क्योंकि यह सिर्फ एक इमारत या पार्क नहीं है, बल्कि एक पूरी स्किल इकोसिस्टम की नींव है। परियोजना जानकारी के अनुसार, युवाओं और तकनीकी कर्मचारियों के लिए रोबोटिक्स, AI, प्रोटोटाइपिंग, टेस्टिंग और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में स्किल डेवलपमेंट के मौके बनेंगे।
सोचिए: जब रोबोट बनाने वाली कंपनियां, टेस्टिंग लैब और AI स्टार्टअप एक ही जगह होंगे, तो वहां रोबोटिक्स इंजीनियर, AI डेवलपर, टेस्टिंग एक्सपर्ट, प्रोटोटाइप डिजाइनर, डेटा एनालिस्ट और मेंटेनेंस टेक्नीशियन जैसे रोल की मांग बढ़ेगी। ग्रेटर नोएडा पहले से ही दिल्ली-NCR के करीब है, इसलिए यूपी, दिल्ली और आसपास के युवाओं के लिए यह एक बड़ा अवसर बन सकता है।
लेकिन यहां ईमानदारी से एक चेतावनी भी जरूरी है: अभी इस पार्क के लिए कोई भर्ती नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। इसलिए किसी भी ऐसे दावे पर भरोसा मत कीजिए जो आज ही अप्लाई करने या सैलरी का वादा करे। सही मौका तब आएगा जब SPV बनेगा, कंपनियां आएंगी और आधिकारिक भर्तियां निकलेंगी। तब तक सबसे समझदारी यही है कि स्किल पर काम किया जाए।
युवाओं के लिए तैयारी के 5 कदम
- रोबोटिक्स और AI की बुनियादी स्किल सीखना शुरू करें, जैसे पायथन प्रोग्रामिंग, मशीन लर्निंग की समझ और रोबोटिक्स के बेसिक कॉन्सेप्ट।
- प्रोटोटाइपिंग और टेस्टिंग की प्रैक्टिकल समझ बनाएं, क्योंकि पार्क में इन्हीं सुविधाओं पर सबसे ज्यादा जोर है।
- छोटे-छोटे प्रोजेक्ट बनाकर पोर्टफोलियो तैयार करें, ताकि कंपनियों के आने पर आपका काम बोल सके।
- ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और यूपी सरकार की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें, और केवल आधिकारिक नोटिफिकेशन पर ही भरोसा करें।
- किसी भी भर्ती या आवेदन से जुड़ी खबर को आधिकारिक स्रोत से जांचे बिना आगे न बढ़ाएं, और फर्जी भर्ती एजेंटों से सावधान रहें।
निष्कर्ष
सीना ठोक के कहा जा सकता है कि PRAGATI पार्क यूपी के लिए एक बड़ा और सोच-समझकर उठाया गया कदम है। 69.52 एकड़, दो जोन, साझा टेस्टिंग और GPU सुविधाएं, और फुल स्केल पर 1 लाख नौकरियों का अनुमान, यह सब मिलकर एक मजबूत कहानी बनाते हैं। लेकिन असली भौकाल तब मचेगा जब SPV बनेगा, साझेदार चुना जाएगा और 36 से 48 महीनों के भीतर पहला जोन चालू होगा।
तब तक युवाओं के लिए सबसे बड़ा मौका यही है कि स्किल को हथियार बना लिया जाए। जो आज सीखेगा, वही कल इस पार्क की नौकरियों और स्टार्टअप मौके का असली हकदार होगा। इस खबर पर आगे की आधिकारिक अपडेट आते ही हम आपको सबसे पहले बताएंगे।