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Delhi NEET Protest में AI का बड़ा इस्तेमाल: जानिए कैसे ड्रोन्स, फेशियल रिकग्निशन और सोशल मीडिया एनालिसिस बदल रहा विरोध का चेहरा

Suvadip Ghara
By Suvadip Ghara On July 24, 2026
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राजधानी दिल्ली में NEET परीक्षा और काउंसलिंग से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे छात्रों के प्रदर्शनों ने न केवल राजनीतिक और सामाजिक ध्यान आकर्षित किया है, बल्कि इसमें आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों के उपयोग ने भी नया मोड़ ला दिया है। दिल्ली की सडकों पर होने वाले इस बड़े आंदोलन को संभालने, सुरक्षा निगरानी रखने और सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों के सत्यापन के लिए AI टूल्स का अभूतपूर्व इस्तेमाल देखा जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों से लेकर मीडिया हाउस और खुद प्रदर्शनकारी छात्र भी AI आधारित टूल्स का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहे हैं। चाहे वह भीड़ की थर्मल और एरियल निगरानी हो, या फिर फर्जी वीडियो की तुरंत जांच करना हो, AI इस पूरे विरोध प्रदर्शन का एक मुख्य तकनीकी हिस्सा बन चुका है। आइए जानते हैं दिल्ली NEET प्रोटेस्ट में AI के इस बड़े रोल की हर एक सनसनीखेज और महत्वपूर्ण बात!

AI Surveillance and Analytics in Delhi NEET Protest
दिल्ली में NEET प्रदर्शन के दौरान AI आधारित ड्रोन, फेशियल रिकग्निशन और डेटा एनालिसिस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल।

1. दिल्ली NEET विरोध प्रदर्शन में AI का प्रवेश

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में पहली बार किसी बड़े छात्र आंदोलन में सुरक्षा और सूचना प्रबंधन के लिए इस स्तर पर AI एल्गोरिदम का प्रयोग किया जा रहा है। जब हजारों छात्र सड़कों पर उतरते हैं, तो कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पारंपरिक तरीके नाकाफी साबित होते हैं।

ऐसे में दिल्ली पुलिस और निगरानी एजेंसियां AI-इनेबल्ड कैमरों का उपयोग कर रही हैं जो वास्तविक समय में भीड़ की गिनती, घनत्व (Density) और अवांछित तत्वों की पहचान कर सकते हैं।


2. फेशियल रिकग्निशन और स्मार्ट ड्रोन निगरानी

दिल्ली के प्रमुख विरोध स्थलों जैसे जंतर-मंतर और शास्त्री भवन के आसपास अत्याधुनिक AI ड्रोन्स की मदद से हवाई निगरानी की जा रही है।

  • ऑटोमेटेड फेस डिटैक्टर: ड्रोन्स में लगे AI कैमरे आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों के चेहरों का डेटाबेस से तुरंत मिलान कर सकते हैं।
  • थर्मल और क्राउड मैपिंग: रात के समय या भीड़ वाले स्थानों में थर्मल AI कैमरे भीड़ के दबाव वाले क्षेत्रों की सटीक जानकारी देते हैं।
  • रूट डायवर्जन AI: ट्रैफ़िक पुलिस द्वारा AI सॉफ्टवेयर का उपयोग करके आम जनता के लिए ट्रैफिक को रीयल-टाइम में री-रूट किया जा रहा है।

3. सोशल मीडिया सेंटीमेंट एनालिसिस और ट्रैकिंग

प्रदर्शन के दौरान एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर लाखों पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं। AI आधारित नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) टूल का इस्तेमाल सोशल मीडिया पर ट्रेंड्स और भावना (Sentiment) का विश्लेषण करने के लिए किया जा रहा है।

इससे यह समझने में मदद मिलती है कि प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें क्या हैं और किस क्षेत्र में असंतोष की भावना तेजी से बढ़ रही है।


4. डीपफेक और फर्जी खबरों पर AI का प्रहार

आंदोलन के दौरान भ्रामक पुरानी वीडियो और AI से जनरेटेड फर्जी ऑडियो क्लिप्स के जरिए अफवाहें फैलने का खतरा रहता है।

फैक्ट-चेकिंग एजेंसियां और मीडिया संस्थान विशेष AI फैक्ट-चेकर टूल्स का उपयोग करके कुछ ही सेकंड्स में एडिटेड या डीपफेक कंटेंट की पहचान कर रहे हैं, जिससे हिंसा या गलतफहमी फैलने से रोका जा सके।


5. आम जनता और छात्रों के लिए क्यों है खास?

यह घटनाक्रम दर्शाता है कि भविष्य में सार्वजनिक आंदोलनों और प्रदर्शनों में AI तकनीक एक केंद्रीय भूमिका निभाएगी। जहां एक तरफ यह सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है, वहीं दूसरी तरफ यह प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा पर भी नए सवाल खड़े करता है।


6. निष्कर्ष

दिल्ली NEET प्रदर्शन में AI का इस्तेमाल इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल लैब या सॉफ्टवेयर कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के हर पहलू को प्रभावित कर रहा है।


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